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इन तरक़ीबों से लिखा जा सकता है प्रभावी ई-मेल

02 July 2019
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अधिकतर लोग ई-मेल लिखते समय ज्यादा नहीं सोचते हैं और सिर्फ कामकाज़ी संदेश ही लिखकर भेज देते हैं  एक्सपर्ट का मानना है कि आपके द्वारा लिखा गया ई-मेल आपकी व्यक्तिगत और पेशेवर भूमिका पर भी प्रभाव ड़ालता है। अगर आप चाहते है कि आपके द्वारा लिखा गया ई-मेल काफी प्रभावशाली हो, तो यहां पर कुछ तरक़ीबों पर प्रकाश ड़ाला जा रहा है। इन टिप्स के जरिए ई-मेल को प्रभावी तरह से लिखा जा सकता है।

1.  सही व्याकरण, चिंहों और शब्दों का करें प्रयोग

अपने द्वारा तैयार ई-मेल में व्याकरण संबंधी त्रुटियो का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, क्योकि जब आप कोई ई-मेल लिखकर किसी को भेजते है और अगर उसमें व्याकरण या फिर किसी प्रकार के शब्दों की गलतियां होती है तो आपके द्वारा भेजे गए ई-मेल का प्राप्तकर्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह आपकी विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है साथ ही आपकी छवि को भी प्रभावित करता है। सही शब्दों का हमेशा ही ध्यान रखना चाहिए। अगर आपके पास ऑटोमैटिक स्पैल-चैक नहीं है तो आप माईक्रोसॉफ्ट वर्ड से सही शब्दों को कॉपी पेस्ट भी किया जा सकता है।

2.  साफ और स्पष्ट भाषा में लिखें अपना संदेश

ई-मेल लिखते समय इस बात का ख़ास तौर पर ध्यान रखना चाहिए कि आपके द्वारा लिखा गया संदेश स्पष्ट हो। ई-मेल ज्यादा लंबा न लिखा गया हो। साफ और स्पष्ट ई-मेल लिखना इसलिए जरूरी होता है क्योकि अधिकतर लोग ई-मेल को अपने मोबाईल-फोन में पढ़ते हैं। इसलिए ज्यादा लिखा गया कॉंन्टेंट फोन में पढ़ना थोड़ा मुश्किल होता है।

3.  लिखे गए ई-मेल में कार्य-उन्मूखता होनी चाहिए

आपके द्वारा लिखे गए ई-मेल में कार्य-उन्मूखता होनी चाहिए। कार्य- उन्मूखता के अभाव में लिखा गया ई-मेल किसी भी काम का नहीं होता है। इसलिए ही लिखे गए ई-मेल से प्राप्तकर्ता को आपका संदेश स्पष्ट शब्दों में मिल जाना चाहिए। ई-मेल पढ़ने के बाद प्राप्तकर्ता को यह पता होना चाहिए कि अब आगे उसे क्या करना है।

4.  प्राप्त ई-मेल का समय से दें उत्तर

प्रवाभी ई-मेल लिखके साथ ही आपको अपने ई-मेल का समय से उत्तर भी देना चाहिए। ई-मेल प्राप्तकर्ता आपके द्वारा दिए गए तुरंत उत्तर से काफी प्रभावित होता है और सराहना भी करता है। ख़ास कर उन ई-मेल का जवाब जल्दी देना चाहिए जिन में महत्वपूर्ण लिखा होता है।

5.  रिप्लॉई ऑल के ऑप्शन को करे चैक

ई-मेल का रिप्लॉई करते वक्त ध्यान रखें कि जिन लोगों को जरूरी है केवल उन ही लोगों तक आपका ई-मेल पहुँचें। सभी लोग अपने-अपने काम में वयस्त रहते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि जब भी किसी ई-मेल का रिप्लॉई करने जा रहें हो तो केवल उन ही लोगों को उस संबंधित ई-मेल में रखें जिन तक आपको अपना संदेश पहुँचाना है।

6.  ई-मेल के विषय में केवल काम के बिंदू ही हो शामिल

आपके ई-मेल का विषय ऐसा होना चाहिए, जिससे कि उस ई-मेल की गंभीरता और ई-मेल लिखने का उद्देश्य आपके विषय से ही पता चल जाए। लोग हर दिन कई ई-मेल प्राप्त करते हैं इसलिए आपका ई-मेल का विषय ऐसा होना चाहिए, जो सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सकें और आपके द्वारा लिखा गया संदेश सभी लोगों तक पहुँच जाएं।

7.  ई-मेल भेजने से पहले करे रिव्यू

अपने द्वारा लिखे गए ई-मेल को भेजने से पहले दो बार जरूर पढ़ें ताकि अगर लिखते समय कोई शब्दों या व्याकरण संबंधित गलतियां हो गई हो तो उन्हें सही किया जा सके। गलतियों से भरा ई-मेल अक्सर गलत प्रभाव छोड़ता है। इसलिए जरूरी है कि ई-मेल का जवाब देते समय ड्रॉफ्ट ई-मेल को दो बार पढ़ लेना चाहिए।

कुछ महत्वपूर्ण जानकारिया

पूर्व कंपनी में रि-जॉइन करने के लिए टिप्स

इस बात की काफ़ी अधिक संभावना है कि आपका पूर्व नियोक्ता आपको  वापस कंपनी में बुला सकता है। इसलिए, उन विचारों को दूर न करें जो वर्तमान में आपके पूर्व कंपनी के साथ जुड़ने के बारे में आपके दिमाग में उछल रहे हैं। अपनी पूर्व कंपनी में वापस जाना एक मुश्किल काम लग सकता है लेकिन यह वास्तव में नहीं है। आपको बस कुछ सुझावों का पालन करने की आवश्यकता है, जो आपके पुनः स्थापित  होने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं: -

1. अपने पुराने मैनेजर के संपर्क में रहें

अपनी पूर्व कंपनी में वापस जाने का निर्णय लेने के बाद आपको जो पहला कदम उठाना चाहिए वह है अपने पुराने बॉस के साथ जुड़ना। उसे नौकरी के लिए ऑनलाइन ईमेल या आवेदन न करें, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उससे संपर्क करें। अपने पुराने बॉस से व्यक्तिगत रूप से मिलना आपको अधिक शक्ति देता है जिससे आपको उस समय की स्थिति को समझने में सहायता  मिलती है ।

टेलिफोनिक इंटरव्यू के लिए महत्त्वपूर्ण टिप्स

हम विकास और प्रगति की दुनिया में रहते हैं और एक अच्छा करियर लंबे समय तक एक व्यक्ति के विकास के एकमहान वाहक के रूप में जाना जाता है। दुनिया भर में नौकरी के अवसरों में वृद्धि के साथ, ये अवसर अब राजनीतिकया भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। कई कंपनियां और संगठन आजकल   प्रत्यक्ष साक्षात्कार सेपहले,टेलिफोनिक इंटरव्यू आयोजित कराते  हैं और प्रतिनिधियों  को सूचीबद्ध  करते है । 

कई मायनों में,टेलीफोनिक इंटरव्यू के  साधारण साक्षात्कारों से  अधिक फायदे होते है । जिनमे से एक लाभ ये होताहै कि टेलीफोनिक इंटरव्यू ं में कम समय लगता है और यह नियोक्ताओं और उम्मीदवार दोनों के लिए अधिकसुविधाजनक होते है। 

उम्मीदवार के लिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू के कुछ अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि उम्मीदवार को सीधेनियोक्ताओं के सामने नहीं बैठना होता है जिससे उनकी घबराहट कम होती है। साथ ही साथ चीट शीट या इंटरनेटका भी इस्तेमाल किआ जा सकता है ।यहाँ आप इन 10 सरल सुझावों के साथ  टेलीफोनिक साक्षात्कारको  क्रैक कर सकते हैं: - 

ग्रुप डिस्कशन राउंड में सफलता के टिप्स

ग्रुप डिस्कशन (GDs) का उपयोग शैक्षणिक संस्थानों और कई कंपनियों द्वारा प्रतिभागियों की मानसिक योग्यता और पारस्परिक कौशल का आकलन करने के लिए किया जाता है। वे, स्पष्ट और प्रेरक तरीके से अपनी राय और विचारों को संवाद करने की क्षमता के लिए उम्मीदवारों की जांच करते हैं। इसके अलावा, कई कंपनियां अपने प्लेसमेंट ड्राइव में ग्रुप डिस्कशन को उन्मूलन प्रक्रिया के एक भाग के रूप में संचालित करती हैं। इसलिए, सिर्फ तकनीकी रूप से कुशल होना पर्याप्त नहीं है,  आपको ग्रुप डिस्कशन में भी अच्छा करने की आवश्यकता है। 

यदि आप ग्रुप डिस्कशन राउंड की तैयारी कर रहे हैं, तो निम्नलिखित   कुछ खास टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप अगले चरण में प्रगति करने के अपने अवसरों को मज़बूत  कर सकते हैं: - 

कार्यस्थल पर भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें

कर्मचारियों की छंटनी, बजट में कटौती, विभाग में बदलाव आदि के कारण कार्यस्थलों में तनावपूर्ण परिस्थितियों की घटना बहुत  ही सामान्य और सर्व मान्य  है; लेकिन जो  मान्य  नहीं है , वह है इन तनावों पर दृढ़ भावनाओं के साथ प्रतिक्रिया करना, जो कि आपको और आपके सहकर्मियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता  हैं।

हालाँकि, यह असत्य है कि भावनाएँ उत्पादक कार्यस्थल में कोई स्थान नहीं रखती हैं। वास्तव में, आशावाद, उत्तेजना, खुशी या सहानुभूति  जैसी रचनात्मक भावनाओं को अत्यंत प्रेरित करने के लिए जाना जाता है; इतना प्रेरित  कि संगठन अपने कर्मचारियों में इन भावनाओं को उभारने के लिए कार्यशालाएँ आयोजित करते हैं ताकि वे अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए संगठनात्मक लक्ष्यों की दिशा में काम कर सकें! नकारात्मक भावनाएं, केवल अत्यधिक तीव्र भावनाएं हैं जो प्रभावी संचार को अवरुद्ध करती हैं, इसलिए, व्यक्तिगत और साथ ही संगठनात्मक विकास में बाधा डालती हैं।

अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को बढ़ाने के लिए 5 सुझाव

कम्युनिकेशन स्किल्स, सूचना को सक्षम से और प्रभावशाली तरीके से संप्रेषित करने की क्षमता है। इसमें बोलना, अवलोकन करना, सहानुभूति जाहिर करना और सुनना शामिल है। कम्युनिकेशन स्किल्स के सामान्य उदाहरणों में आपकी भावनाओं, नए विचारों का संचार करना या किसी महत्वपूर्ण चीज़ पर अपडेट साझा करना शामिल है। व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स होना बहुत महत्वपूर्ण है।

चूंकि प्रभावी कम्युनिकेशन महत्वपूर्ण जीवन कौशल में से एक है, इसलिए जो इस कौशल को सुधारना चाहता है उसके लिए इस ओर उठाया गया एक भी कदम बेहद फायदेमंद होगा। इसलिए, चाहे आप ऑफिस में अपने विचारों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहते हैं या सामान्य रूप से लोगों के साथ बेहतर बातचीत करना चाहते है, निम्नलिखित 5 युक्तियां हैं जिनसे आप लाभ उठा सकते हैं जो आपके संचार कौशल को बढ़ाने में मदद करेंगे: -

कार्यस्थल पर वर्क प्रेशर को संभालने के टिप्स

प्रत्येक नौकरीपेशा व्यक्ति ने  कभी न कभी अपने कार्यस्थल पर होने वाले वर्क प्रेशर को निश्चित रूप से  महसूस किया होगा। चाहे  आपका अपने  काम के प्रति कितना  भी लगाव हो,  परन्तु सभी नौकरियों में कुछ तनावपूर्ण तत्व ज़रूर होते हैं । चुनौतियों को समय सीमा तक पूरा करने या महत्वपूर्ण  दायित्वों को पूरा करने के लिए अल्पकालिक तनाव का अनुभव किया जा सकता है। परन्तु  जब यही तनाव दीर्घावधि हो जाता है, तो आपके शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक साबित  हो  सकता  है। 

जॉब रिक्रूटमेंट एजेंसी कैसे काम करती है?

अपनी कंपनी में मौजूदा रिक्तियों के लिए सही उम्मीदवारों को खोजने के लिए, नियोक्ता एक जॉब रिक्रूटमेंट एजेंसी को नियुक्त करते हैं। ये एजेंसियां मौजूदा नौकरियों  के लिए उपयुक्त  लोगों को ढूंढती हैं और फिर उन्हें स्क्रीन करती हैं। साथ ही साथ, उम्मीदवारों के चयन के समय अपने नियोक्ता को सहायता भी प्रदान करते हैं। इसलिए, रिक्रूटमेंट एजेंसियां नियोक्ताओं की सेवा करती हैं और उनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के अनुसार रिक्रूटमेंट शुल्क भी  लेती हैं। 

 

एक अच्छी रिक्रूटमेंट एजेंसी अपने साथ जुड़े नियोक्ताओं  के साथ-साथ उम्मीदवारों को भी कई लाभ  प्रदान करती है। यदि आप यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि ऐसी एजेंसी किस प्रकार काम करती है और वह क्या लाभ दे सकती है, तो निम्न लेख को पढ़िए: 

कोई नौकरी आपके लिए सही है या नहीं - कैसे सुनिश्चित करें

यदि आप कुछ समय से नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो यह हो सकता है कि आप एक ऐसी नौकरी स्वीकार कर लें जो आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कुछ बातों को ध्यान में रखें, नौकरी के अलावा, अंत में, पे-चेक से कोई फर्क नहीं पड़ेगा अगर आप अपने काम से खुश नहीं हैं!

इन तरक़ीबों से लिखा जा सकता है प्रभावी ई-मेल

अधिकतर लोग ई-मेल लिखते समय ज्यादा नहीं सोचते हैं और सिर्फ कामकाज़ी संदेश ही लिखकर भेज देते हैं  एक्सपर्ट का मानना है कि आपके द्वारा लिखा गया ई-मेल आपकी व्यक्तिगत और पेशेवर भूमिका पर भी प्रभाव ड़ालता है। अगर आप चाहते है कि आपके द्वारा लिखा गया ई-मेल काफी प्रभावशाली हो, तो यहां पर कुछ तरक़ीबों पर प्रकाश ड़ाला जा रहा है। इन टिप्स के जरिए ई-मेल को प्रभावी तरह से लिखा जा सकता है।

ऐसे लिखें बॉस को माफ़ीनामा

ग़लतियां करना मानव व्यवहार में शामिल है, लेकिन कई बार ऑफिस में की गई गलती आपकी छवि और आपकी जॉब दोनों के लिए ही हानिकारक हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो अपनी ग़लतियों को छूपाने के बजाए अपनी ग़लती को ईमानदारी से स्वीकार करना ही सही होता है.

अगर ऑफिस में काम में किसी तरह की ग़लतियां हो जाएं तो कुछ तरीक़ों का इस्तेमाल कर प्रभावी माफ़ीनामा तैयार किया जा सकता है और बॉस के साथ पहले की तरह व्यवहार बनाया जा सकता है.

क्या महिलाओं ने एचआर इंडस्ट्री पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है?

2012 में फोर्ब्स के अध्धयन के अनुसार एचआर इंडस्ट्री में 70 प्रतिशत महिलाएं एचआर के तौर पर कार्य कर रही है. इन तथ्यों में इतिहास के तथ्यों को भी शामिल किया गया है. शायद यह इस सेक्टर की समझ है, जो पुरूषों को एचआर इंडस्ट्री से दूर कर रही है. कई लोगों का मानना है कि एचआर का काम काफी देखभाल करने जैसा है. इसलिए पुरूषों को लगता है कि यह रोल उनके लिए है ही नहीं.

यह प्रमुख व्यवसायिक कोर्स दे सकते है करियर को उड़ान

शिक्षा का क्षेत्र आज-कल व्यावसायिक शिक्षा की ओर अपना रूख अपनाने लगा है, क्योकि स्टूडेंट्स के बीच व्यवसायिक कोर्स का काफी चलन देखने को मिल रहा है. व्यवसायिक कोर्स के जरिए स्टूडेंट्स को ऐसे स्किल्स सिखाये जाते है, जिसकी जरूरत उन्हें जॉब के दौरान होती है.

व्यवसायिक कोर्स के प्रति स्टूडेंट्स के बढ़ते चाव को देखते हुए ही भारत में कई कॉलेज और इंस्टीट्यूट व्यवसायिक कोर्स के लिए आवेदन निकालते है. उनमें से यहां 5 कोर्स का विवरण दिया गया है जिन्हें आपको जानना चाहिएं.

12वीं के बाद आईटीआई इस तरह से बना सकता है आपका करियर

भारत का ज्यादा-तर युवा ग्रेजुऐशन के लिए आईटीआई को अपना प्रथम चयन बनाना सही समझता है, क्योकि इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग सेंटर भारत सरकार द्वारा स्थापित किये जाते है और यह श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं। यहा से ग्रेजुऐशन करना काफी किफायती होता है। टैक्निकल में ज्यादा रूचि रखने वाले ट्रेनिंग संस्थान से जुड़ सकते हैं।

12वीं के बाद कर सकते हैं इन नौकरियों के लिए आवेदन

सभी जानते हैं कि एक अच्छी नौकरी के लिए अच्छी डिग्री का भी होना जरूरी है. लेकिन अब यह सभी बातें मिथ्या साबित होने लगी है. अच्छी नौकरी के लिए हाई ऐजूकेशन की आवश्यकता नहीं है. 12वीं के बाद भी अच्छी नौकरी अच्छे वेतन के साथ पायी जा सकती है.

हां, यह बिल्कुल सच है कि अगर आपके पास कॉलेज डिग्री नहीं है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप नौकरी से वंचित रहने वाले हैं. आप केवल 12वीं के आधार पर भी अपने करियर को अच्छी पहचान और तरक्की दे सकते हैं.

ग्रेजुऐशन के बाद किसी स्टार्ट-अप के साथ करियर शुरू करने के हो सकते है ये 4 फायदे

ग्रेजुऐशन के बाद अच्छी नौकरी की तलाश में जब आप निकलते है तो हजारों विचारों के साथ एक विचार यह भी होता है कि नौकरी की शुरूआत किसी बड़ी कंपनी से हो, लेकिन करियर की शुरूआत किसी स्टार्ट-अप कंपनी के साथ से भी कि जा सकती है. इन दिनों लोग  कुछ ज्यादा सीखने की चाह लिए स्टार्ट-अप कंपनी में जॉब के साथ भी अपने करियर की शुरूआत करना गलत नहीं समझते हैं.

स्टार्ट-अप के साथ करियर की शुरूआत करने के हो सकते हैं ये फायदें -

पाईप फिटर बनाम वेल्डर- सभी को जानने की जरूरत है

अगर आप स्कील्स ट्रेड सीख़ने की चाह रखते हैं तो ऐसे कई ट्रेड्स है जिनसे आप स्कील्स ट्रेड सीख़ सकते हैं. पाईपफिटर और वेल्डर दोनों ही काफी मात्रा में भुगतान किए जाने वाले स्कील्ड ट्रेड है. प्लांट्स निर्माण और तेल रिफाईनरियों की अनेकों घरेलू और व्यवसायिक कंपनियों में इस कार्यक्षेत्र में कुशल लोगों की काफी मांग है, लेकिन वास्तव में दोनों में से कोई एक कैसे बना जाए?  आईए जाना जाए-

 

कंपनियां अपने HR कैंडिडेट में देखती है यह खूबियाँ

जब आप एचआर (ह्यूमन रिसोर्सेस) के लिए आवेदन करते है तो आप उस वक्त उस तरह बैठे कर साक्षात्कार देते है जहां पर बैठ कर आपको इसके बाद सभी का साक्षात्कार लेना है.एचआर एक्जिक्यूटिव का काम कर्मचारियों को हायर करना और संबंधित कंपनी की महत्वपूर्ण जानकारी को अपने पास रखना होता है. ह्यूमन रिसोर्सेस की नौकरी आसान काम नहीं है. तो अगर आप मुंबई में फ्रैशर जॉब की चाह रखते हैं या अपने किसी पसंद की जगह पर एचआर एक्सीक्यूटिव की जॉब या फ्रैशर जॉब की चाह रखते हैं तो आपको जान लेना चाहिए कि कंपनियां अपने एचआर एक्जिक्यूटिव में किन खूबियों को तलाशती हैं.

5 आईटीआई ट्रेड्स जिन्हें आपको जरूर जानना चाहिए

आईटीआई ट्रैड्स को स्कूल से पास-आउट स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें 100 से ज्यादा कोर्स उपलब्ध है जिन्हें 10वी कक्षा और 12वी कक्षा पास करने के बाद स्टूडेंट्स कर सकते है. आईटीआई कोर्सेस को दो भागों में विभाजित किया गया है-

  1. एक साल का आईटीआई कोर्स
  2. दो साल का आईटीआई कोर्स

भारत में डिजिटल मार्केटिंग जॉब्स के लिए आवश्यक कौशल

एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में नौकरी के लिए आपको विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ मल्टीटास्क करना होगा। आपको उन विभिन्न डिजिटल मार्केटिंग अभियानों में रचनात्मक और आकर्षक मूल्य जोड़ने के महत्व को समझना होगा, जिन पर आप काम कर रहे हैं। यदि आप मुंबई, गुड़गांव या नोएडा में एक डिजिटल मार्केटिंग की नौकरी करने की इच्छा रखते हैं या डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर की भूमिका के लिए सीढ़ी चाहते हैं, तो उसके लिए आवश्यक कौशल निम्नलिखित हैं:

एक इंटरव्यू के लिए क्या पहनना चाहिए

जॉब तलाशने की प्रक्रिया में, इंटरव्यू के दौरान क्या पहनना चाहिए क्या नहीं, हमेशा से ही संशय का विषय रहा है। पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर को आप कितनी अच्छी तरह से जानते हैं, इसके अलावा, एक नौकरी के लिए सफल इंटरव्यू इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप खुद को कैसे प्रस्तुत करते हैं। यही कारण है कि एक स्मार्ट और सटीक उपस्थिति हायरिंग मैनेजर को समझाने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण है कि आप उनकी कंपनी के लिए एकदम सही हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण स्किल सेट जो आपके करियर को विशाल ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं

हम ऐसे परिदृश्य में रहते हैं जब रोज़गार बाज़ार बड़े पैमाने पर विविध है और लगातार बदलता जा रहा है। इसलिए, इस गतिशील कार्य क्षेत्र में न केवल बने रहने के लिए बल्कि वृद्धि करने के लिए भी ,अनुकूलनशीलता और उपयोगितावादी दृष्टिकोण महत्त्वपूर्ण प्रमुख गुण हैं।

एक फ्रेशर के रूप में अच्छी नौकरी कैसे प्राप्त करें

दिल्ली, मुंबई तथा अन्य प्रमुख  शहरों में एक फ्रेशर  के लिए अच्छी नौकरी ढूंढना उतना भी  मुश्किल नहीं है जितना कि माना जाता है। हालांकि,मुंबई और अन्य मेट्रोपोलिस शहरों में नौकरी पाना  नए स्नातकों और फ्रेशर्स  के लिए मुख्य चिंताओं में से एक है। इसी श्रृंखला में फ्रेशर्स को खुद को अन्य लोगों  से अलग बनाने के लिए , सही निर्णय लेने के लिए और विभिन्न लिस्टिंग में नौकरियों पर आवेदन करने के लिए तैयार करना चाहिए, जब तक कि उन्हें उनके अनुरूप नौकरी न मिल जाएं।

बेहतर करियर विकास के लिए टिप्स

अपने करियर के विकास के लिए आप स्वयं ही  जिम्मेदार होते  हैं। जिन लोगों का करियर  तेज गति से आगे बढ़ता है, वे जानते हैं किकार्य क्षेत्र में प्रतियोगिता हमेशा बनी रहती है और वे सफल होने के लिए उसके अनुरूप कदम उठाते हैं और अपने कैरियर के विकासकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। ऐसे परिदृश्य में जहां आप चाहते हैं कि आपका करियर आगे बढ़े, आपको  हमेशा ऐसी नौकरी की तलाश मेंरहना चाहिए, जहां आपको अधिक सीखने और अपनी विशेषज्ञता को लागू करने  का अवसर मिल सके। उदाहरण के लिए, आप इसउद्देश्य को पूरा करने के लिए बैंगलोर या मुंबई जैसे  शहरों में नौकरी के लिए ऑनलाइन सर्च कर सकते हैं। 

भारतीय रोज़गार बाज़ार में कौन से पाठ्यक्रम लोकप्रिय

पुराने समय के विपरीत, आज के छात्र विवेकी और सूक्ष्मदर्शी हैं, खासकर बात जब मनचाहा करियर चुनने की हो । वर्तमान परिदृश्य में, जहांकैरियर विकल्पों की एक बड़ी संख्या उपलब्ध है, छात्रों में उपर्युक्त गुणों की उपस्थिति ही उन्हें उलझनों से बचने में मदद कर सकती है।

नियोक्ता कर्मचारियों में क्या कौशल देखते हैं?

लगभग हर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के एकीकरण के साथ ऑनलाइन नौकरी के विकल्प ढूंढना उतना कठिन नहीं है। आपको सिर्फ सही मानकों केसाथ खोजना है और आप प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की एक बड़ी सूची देख पाएंगे। हालांकि, भारत में नौकरी जॉब पोर्टल्स जो किआपको नौकरी के विकल्प ऑनलाइन दिखाते हैं, की बड़ी संख्या उपलब्ध है, फिर भी सब कुछ आप पर और आपके कौशल पर निर्भर करताहै कि इंटरव्यू में आप केसा प्रदर्शन करते हैं; और यही निर्धारित करेगा कि आपको नौकरी मिलती है या नहीं। यह विशेष रूप से स्नातक या फ्रैशर्स के लिए सत्य है, क्योंकि दिल्ली, मुंबई या अन्य शहरों में नौकरी के लिए बहुत प्रतिस्पर्धा होती है; और एक फ्रेशर के रूप में, आपको साक्षात्कार या अनुप्रयोगों को संभालने में ज्यादा अनुभव नहीं होता है ।

मैनेजमेंट जॉब्स भारत में एक लोकप्रिय करियर विकल्प

मैनेजमेंट जॉब्स भारत में एक लोकप्रिय करियर विकल्प

पिछले कुछ सालों में भारतीय रोज़गार बाजार का दृश्य काफी बदल गया है। यद्यपि मैनेजमेंट जॉब्स देश में हमेशा से मौजूद हैं, लेकिन उनसेसंबंधित हालिया प्रचार असाधारण है। आज अलग अलग क्षेत्रों के छात्र अपने जीवन में किसी न किसी समय पर एक मैनेजमेंट कोर्स काअध्ययनकरने पर विचार करते हैं और यदि सही दिशा में सोचा जाए, तो कारण भी स्पष्ट है।

मैनेजमेंट संबंधित कार्यं हर जगह हैं, भले ही आप किसी भी उद्योग में हैं। मैनेजमेंट के विभिन्न भारतीय संस्थानों की बढ़ती प्रसिद्धि ने मैनेजमेंटजॉब्स को लोकप्रिय बनाने में भी काफी योगदान दिया है।

बीमा ग्राहक सेवा प्रतिनिधि की भूमिका

एक बीमा ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, ग्राहकों को उनके उत्पाद और सेवा से संबंधित पूर्ण जानकारी प्रदान करता है ताकि उनकी बीमा संबंधित उलझनों का जवाब दिया जा सके। प्रतिनिधि को ग्राहकों की शिकायतों को पूर्ण रूप से नियंत्रण करना और उन्हें हल करना आना चाहिए ।इसके अतिरिक्त, एक बीमा ग्राहक सेवा प्रतिनिधि की जिम्मेदारियां, कस्टमर केयर प्रतिनिधि के समान होती हैं, क्योंकि वह ग्राहक कोआवश्यक सहायता और भरोसा प्रदान करता है।

महिलाओं के लिए ब्लू कालर जॉब्स की चुनौतियाँ

आज एक कामकाजी महिला होना आम बात है और लगभग सभी उद्योगों में महिलाओं की भूमिका देखी जा सकती है।

हालांकि, अभी भी कुछ ऐसी गतिविधियां हैं जहां महिलाओं की कमी को महसूस किया जा सकता है।आज से दस साल पहले तक भारत में औरतों के लिए ब्लू कालर जॉब्स की अवधारणा को असामान्य माना जाता था।

भारत की 10 सर्वोच्च कौशल आधारित नौकरियाँ

पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व उछाल आया है। और इस तरह के आसार बन रहे हैं कि यह उत्थान जारी रहेगा और अगले 2-3 दशकों में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी।

साक्षात्कार के लिए तैयारी कैसे करें

साक्षात्कार का उद्देश्य यह समझना है कि आपके पास नौकरी के लिए उपयुक्त कौशल, ज्ञान और अनुभव है। साक्षात्कार के दौरान आपको साक्षातकर्ता को यह विश्वास दिलाना होगा कि आप नौकरी विवरण के अनुसार उपयुक्त हैं, कंपनी के कार्य को समझते हैं, और कंपनी में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं

इंटरव्यू के लिए बायोडाटा कैसे बनाएँ

नियोक्ता / कंपनियों को प्रस्तुत करने के लिए बायोडाटा एक प्रमुख आलेख है। बायोडाटा की मदद से हम अपनी शिक्षा / योग्यता, कार्य अनुभव और कौशल के बारे में आसानी से बता सकते हैं।

बायोडाटा के महत्वपूर्ण हिस्से क्या हैं? हमने कुछ सुझाव सूचीबद्ध किए हैं जो आपको एक अच्छा बायोडाटा लिखने में मदद करेंगे।

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले 10 महत्वपूर्ण सवाल

इंटरव्यू में जाते समय सबसे बड़ी जिज्ञासा यह होती है कि हमसे क्या पूछा जाएगा। हालांकि इस बात का वास्तविक जबाब तो इंटरव्यू के समय ही मिलता है, कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिनमें सामान्यतः इंटरव्यू में पूछा जाता है।

अगर आप इनके जवाबों का अभ्यास कर लें तो आपके कुछ जवाब तो अच्छे होंगे। साथ ही बाकी सवालों का जवाब देने के लिए आपका आत्मविश्वास बढेगा।

10वीं और 12वीं के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में बना सकते हैं अपना करियर

अगर इफकोयुवा जॉब पोर्टल पर वेब मेट्रिक्स कुछ भी करने के लिए हैं, तो कुछ निश्चित रुझान हैं जिन्हें लोग बहुत ही आकर्षक कैरियर क्षेत्र मानते हैं। उन छात्रों के लिए जिन्होंने अभी-अभी अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है, उन क्षेत्रों के बारे में अधिक जानना काफी उपयोगी हो सकता है जिन्हें पुरस्कृत माना जाता है। इस तरह, वे एक सूचित निर्णय ले सकते हैं कि उनका अगला कदम कैरियर बनाने की दिशा में क्या  होना  चाहिए ?

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